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Showing posts from 2013

Principles for Happy Life-Sakshi

Before you Pray-Believe केवल मात्र प्रार्थना करने से कुछ नहीं होता।  प्रार्थना करने से पहले हमें उस ईश्वर  पर विश्वास, श्रद्धा होनी चाहिये।  सच्चे मन से की गयी प्रार्थना से ही मन को ख़ुशी मिलती है। 
Before you Speak-Listen प्रत्येक व्यक्ति को बोलने से पहले सुनने की क्षमता रखनी चाहिए। उसे दूसरे के विचारों को ध्यान से सुनने के उपरांत सोच समझ कर अपनी बात कहनी चाहिए। 
Before you Spend-Earn हमें धन खर्च करने से पहले उसको कमाना चाहिए। उदाहरणस्वरूप  प्रत्येक बच्चे को उम्र भर अपने माता -पिता  द्वारा अर्जित की हुई सम्पति पर निर्भर नहीं रहना चाहिए।  उसे एक निश्चित आयु के उपरांत स्वयं धन कमाने की क्षमता रखनी चाहिए।  Before you Write-Read  व्यक्ति को कुछ  भी लिखने या बोलने से पहले सोचना चाहिए।  जैसे कि वह लिख या बोल रहा है क्या वह सत्य है ?,  क्या वह लिखना जरूरी है ? क्या उससे किसी के मन को ठेस  पहुंचेगी ? अच्छा तभी लिखा जाता है जब हम अच्छा पढ़ते हैं।  Before you Quit-Try हमें कभी भी किसी मुश्किल का सामना करने से पहले ही हार  नहीं माननी चाहिए।  उस परिस्थिति से लड़ने के लिए कम से कम कोशिश तो करनी ही …

Teachers by Manju Chauhan

Teachers

Keep up your head Instead of bowing….. Use your head Instead of following….. Why to bow? When you are able enough….. You don’t need to Bow before others….. But, still, if you wish to bow Bow before your teachers….. Because they are the explorers Of your hidden talents….. They have that experience That’s why they are positioned above God and parents..… Manju Chauhan, MA Philosophy Cited from: Sophia: Student Magazine, Year 02, Sept 13
http://www.scribd.com/doc/165398475/Sophia-Student-Magazine-Year-02-Sept-13

चुनिंदा शायरी -कंचन

तू रख होंसला वो मंजर भी आएगा।
प्यासे के पास चलकर समंदर भी आएगा।
थक हार कर न रुकना ऐ मंजिल के मुसाफ़िर,
मंजिल भी मिलेगी और मिलने का मज़ा भी आएगा।


जिंदगी की असली उडान अभी बाकी है।
जिंदगी के कई इम्तिहान अभी बाकी है।
अभी तो नापी है मुट्ठी भर  ज़मीन हमने ,
अभी तो सारा आसमान बाकी है।

आंधियों  में भी जैसे कुछ  चिराग़  जला करते हैं।
उतनी ही हिम्मत ऐ होंसला हम भी रखा करते हैं।
मंजिलों , अभी और दूर है हमारी मंजिल ,
चाँद सितारें  तो राहों में मिला करते हैं।

संग्रहकर्ता :
कंचन
बी ए 3.

देशधर्म क्या होता है..................

देशधर्म क्या होता है, ये हिन्दू मुस्लिम क्या जाने?
जिसने देहरी पार न की, मौसम की रंगत क्या जाने?
जिनको नींद नहीं मिलती है, भूखी नंगी रातों में,
वो रोटी पेट समझने वाले, स्वप्न हकीकत क्या जाने?
गीदड़ के शागिर्दों की अब, फौज बड़ी चाहे जितनी हो,
...
जूंठे टुकड़ों पर पलने वाले, शेरों की ताकत क्या जाने
उनसे आशा क्या करना जो, माँ पर छुरी चलाते हों,
वो अर्थशास्त्री पैसे वाले, आँसू की कीमत क्या जाने?
ताज पहन कर करें गुलामी, ऐसे मुर्दों की कमी नहीं,
चमचागीरी करने वाले, अपना फर्ज निभाना क्या जाने? Facebook Status of Satya Pal Kataria June 3,2013

हार कर रुकना नहीं ..........................

"हार कर रुकना नहीं ग़र तेरी मंजिल दूर है !
ठोकरें खाकर सम्हलना वक्त का दस्तूर है !

हौसले के सामने तक़दीर भी झुक जायेगी !
तू बदल सकता है क़िस्मत किसलिए मजबूर है !
...
आदमी की चाह हो तो खिलते है पत्थर में फूल !
कौन सी मंजिल है जो इस आदमी से दूर है !!!!! Facebook Status of Satya Pal Kataria June 03,2013

इस नदी की धार में -- दुष्यन्त कुमार

इस नदी की धार में ठंडी हवा आती तो है,
नाव जर्जर ही सही, लहरों से टकराती तो है।
एक चिनगारी कही से ढूँढ लाओ दोस्तों,
इस दिए में तेल से भीगी हुई बाती तो है।
एक खंडहर के हृदय-सी, एक जंगली फूल-सी,
...
आदमी की पीर गूंगी ही सही, गाती तो है।
एक चादर साँझ ने सारे नगर पर डाल दी,
यह अंधेरे की सड़क उस भोर तक जाती तो है।
निर्वचन मैदान में लेटी हुई है जो नदी,
पत्थरों से, ओट में जा-जाके बतियाती तो है।
दुख नहीं कोई कि अब उपलब्धियों के नाम पर,
और कुछ हो या न हो, आकाश-
सी छाती तो है।
- दुष्यन्त कुमार From the Facebook Status of Satya Pal Kataria
June 03,2013

ख्वाब -राजिंदर कौर

KNOWLEDGE -Manju Chauhan

KNOWLEDGE

Knowledge is the virtue
in Socrates’ view;
It’s an achievement; without any milieu (limits).
Fields are many but sources are few;
It’s an achievement ;
Gives confidence to you.
If you have knowledge
of what, where and why;
by whom, how and when
then you’ll get a clear vision.
Knowledge is a path,
To pull out you from dark;
But a teacher is the torch
To show you the true path.
Knowledge is worthless
Without any use;
As the mango tree is useless,
without any fruits.
A teacher is always true,
He gives us the knowledge ,
of false and true.
Teachers are many , but few are true.
Knowledge is a virtue
In Socrates’ view.

BELIEVE-Neha Vashishta

BELIEVE
I believe in my dreams
And I will never lose hope.
I believe in my goal
So with competition I can cope .
I believe in my talent
And will make the best of it.
I believe in my future
For which I’ll bit by bit .
I believe in my abilities
I will make my own name.
I believe I can do it
So I can win life’s game.
I believe in myself
Though the world may not.
I’ll make Impossible possible
Because I believe in myself a lot.
Neha Vashishta
B.A. Final Year (5509)
PGGCG-11, Chandigarh

This poem published in the following issue:
http://www.scribd.com/doc/122566568/Sophia-Student-Magazine

THE REAL EXAM OF LIFE- Kanchan

THE REAL EXAM OF LIFE

God is a great examiner and
We all are examinees.
The life is our answer sheet on which
We have to take the examination.
This world is hall,
Where, we all are seating to give examination.
The time allowed is only three hours,
First hour bell rings at the childhood,
Second at youth,
Third and last is at old age.
Hence examination gets over,
So don’t try to cheat and deceive anyone.
You may lose,
You can’t say that paper was lengthy and
time was short.
If we fail, we have to come back
Again to the same hall in our new life and
If we pass, we quit the hall and
return with no mark!!!!!!! Kanchan
B.A. First Year (1179)
PGGCG-11, Chandigarh

This poem published in the following issue:
http://