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Mai Tumhare Naam Likhta hoon by Dr. Desh Raj Sirswal

Mai Tumhare Naam Likhta hoon by Dr. Desh Raj Sirswal Publisher : Onlinegatha Edition : 1 ISBN : 978-81-947598-7-4 Number of Pages : 74 Binding Type : Paperback Paper Type : Cream Paper(70 GSM) Language : Hindi Category : Poetry Uploaded On : August 23,2020 Link to the publication: http://www.bookstore.onlinegatha.com/bookdetail/1317/Mai-Tumhare-Naam-Likhta-hoon.html
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Book: The Stunning Beauty (Paperback)

The Stunning Beauty Paperback – May 31, 2020 by Dr. Desh Raj Sirswal(Author) Product detailsPaperback: 29 pagesPublisher: Independently published (May 31, 2020)Language: EnglishISBN-13: 979-8648774995ASIN: B089CSW4N8Product Dimensions: 5 x 0.1 x 8 inches “The Stunning Beauty” is a collection of my poems written in the year 2017. It is a collection of love, care, emotions, feelings, romance, sympathy, happiness, motivation and positivity towards life. It is a collection of random ideas come to my mind in different situations. Romanticism must be a part of human life because it always makes life beautiful and worthy of living. This book is the first hand poetry book, no formal literary setting. Just feel the emotions of the poems. Link Book link

दुनिया का बोझ- किरणदीप कौर

दुनिया का उठाकर बोझ,
खुद एक बोझ कहलाई है.
हारकर ख़ुशी अपनी,
जीत में दुःख ही लायी है.
होंठो पर लाकर हंसी,
आँखों की नमी छुपायी है.
पत्नी बनकर किसी का घर बसाया,
तकलीफें सहकर माँ कहलाई है.
अँधेरे में रहकर रौशनी बनी खुद
फिर भी क्यों,
ये दुनिया को नहीं दिख पाई है.
आसमान में ऊँचा है इसका वजूद,
समंदर से गहरी इसकी गहराई है.

MAGIC by Manju Chauhan

“Magic” the five letters word, interesting yet mysterious. What is MAGIC? For kids, it is happiness; for adults, it is illusion; and for old people, it is stupidity. People often say, the magic is to show some kind of tricks and befool people's eyes. But, nobody pays attention towards the world's greatest magic i.e. the SMILE on faces of children after watching those tricks. Though, the tricks are to betray human eyes but, still this is the biggest magic.
Everything is magic in the world.... even our existence itself is the nature's most amazing magic. People don't believe in magic because they do not have time to see and think it. No one thinks, a woman puts her life in danger to bring a young one in this beautiful world. Isn't that amazing? How a tiny body grows into an adult like us! We get many bodies in the same birth. Nobody dies with his same body which he got immediately after birth in his old age!
A kid when tossed in air laughs instead of crying because h…

Principles for Happy Life-Sakshi

Before you Pray-Believe केवल मात्र प्रार्थना करने से कुछ नहीं होता।  प्रार्थना करने से पहले हमें उस ईश्वर  पर विश्वास, श्रद्धा होनी चाहिये।  सच्चे मन से की गयी प्रार्थना से ही मन को ख़ुशी मिलती है। 
Before you Speak-Listen प्रत्येक व्यक्ति को बोलने से पहले सुनने की क्षमता रखनी चाहिए। उसे दूसरे के विचारों को ध्यान से सुनने के उपरांत सोच समझ कर अपनी बात कहनी चाहिए। 
Before you Spend-Earn हमें धन खर्च करने से पहले उसको कमाना चाहिए। उदाहरणस्वरूप  प्रत्येक बच्चे को उम्र भर अपने माता -पिता  द्वारा अर्जित की हुई सम्पति पर निर्भर नहीं रहना चाहिए।  उसे एक निश्चित आयु के उपरांत स्वयं धन कमाने की क्षमता रखनी चाहिए।  Before you Write-Read  व्यक्ति को कुछ  भी लिखने या बोलने से पहले सोचना चाहिए।  जैसे कि वह लिख या बोल रहा है क्या वह सत्य है ?,  क्या वह लिखना जरूरी है ? क्या उससे किसी के मन को ठेस  पहुंचेगी ? अच्छा तभी लिखा जाता है जब हम अच्छा पढ़ते हैं।  Before you Quit-Try हमें कभी भी किसी मुश्किल का सामना करने से पहले ही हार  नहीं माननी चाहिए।  उस परिस्थिति से लड़ने के लिए कम से कम कोशिश तो करनी ही …

Teachers by Manju Chauhan

Teachers

Keep up your head Instead of bowing….. Use your head Instead of following….. Why to bow? When you are able enough….. You don’t need to Bow before others….. But, still, if you wish to bow Bow before your teachers….. Because they are the explorers Of your hidden talents….. They have that experience That’s why they are positioned above God and parents..… Manju Chauhan, MA Philosophy Cited from: Sophia: Student Magazine, Year 02, Sept 13
http://www.scribd.com/doc/165398475/Sophia-Student-Magazine-Year-02-Sept-13

चुनिंदा शायरी -कंचन

तू रख होंसला वो मंजर भी आएगा।
प्यासे के पास चलकर समंदर भी आएगा।
थक हार कर न रुकना ऐ मंजिल के मुसाफ़िर,
मंजिल भी मिलेगी और मिलने का मज़ा भी आएगा।


जिंदगी की असली उडान अभी बाकी है।
जिंदगी के कई इम्तिहान अभी बाकी है।
अभी तो नापी है मुट्ठी भर  ज़मीन हमने ,
अभी तो सारा आसमान बाकी है।

आंधियों  में भी जैसे कुछ  चिराग़  जला करते हैं।
उतनी ही हिम्मत ऐ होंसला हम भी रखा करते हैं।
मंजिलों , अभी और दूर है हमारी मंजिल ,
चाँद सितारें  तो राहों में मिला करते हैं।

संग्रहकर्ता :
कंचन
बी ए 3.

देशधर्म क्या होता है..................

देशधर्म क्या होता है, ये हिन्दू मुस्लिम क्या जाने?
जिसने देहरी पार न की, मौसम की रंगत क्या जाने?
जिनको नींद नहीं मिलती है, भूखी नंगी रातों में,
वो रोटी पेट समझने वाले, स्वप्न हकीकत क्या जाने?
गीदड़ के शागिर्दों की अब, फौज बड़ी चाहे जितनी हो,
...
जूंठे टुकड़ों पर पलने वाले, शेरों की ताकत क्या जाने
उनसे आशा क्या करना जो, माँ पर छुरी चलाते हों,
वो अर्थशास्त्री पैसे वाले, आँसू की कीमत क्या जाने?
ताज पहन कर करें गुलामी, ऐसे मुर्दों की कमी नहीं,
चमचागीरी करने वाले, अपना फर्ज निभाना क्या जाने? Facebook Status of Satya Pal Kataria June 3,2013

हार कर रुकना नहीं ..........................

"हार कर रुकना नहीं ग़र तेरी मंजिल दूर है !
ठोकरें खाकर सम्हलना वक्त का दस्तूर है !

हौसले के सामने तक़दीर भी झुक जायेगी !
तू बदल सकता है क़िस्मत किसलिए मजबूर है !
...
आदमी की चाह हो तो खिलते है पत्थर में फूल !
कौन सी मंजिल है जो इस आदमी से दूर है !!!!! Facebook Status of Satya Pal Kataria June 03,2013

इस नदी की धार में -- दुष्यन्त कुमार

इस नदी की धार में ठंडी हवा आती तो है,
नाव जर्जर ही सही, लहरों से टकराती तो है।
एक चिनगारी कही से ढूँढ लाओ दोस्तों,
इस दिए में तेल से भीगी हुई बाती तो है।
एक खंडहर के हृदय-सी, एक जंगली फूल-सी,
...
आदमी की पीर गूंगी ही सही, गाती तो है।
एक चादर साँझ ने सारे नगर पर डाल दी,
यह अंधेरे की सड़क उस भोर तक जाती तो है।
निर्वचन मैदान में लेटी हुई है जो नदी,
पत्थरों से, ओट में जा-जाके बतियाती तो है।
दुख नहीं कोई कि अब उपलब्धियों के नाम पर,
और कुछ हो या न हो, आकाश-
सी छाती तो है।
- दुष्यन्त कुमार From the Facebook Status of Satya Pal Kataria
June 03,2013